भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़ती ही जा रह ही हैं। देश में कोरोना वायरस संक्रमित करीब 1400 मामले सामने आ चुके हैं और संकट बढ़ता ही जा रहा है. इस बीच 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से आम जनमानस को दिक्कतें हो रही हैं और गरीब लोग सबसे ज्यादा प्रभावित है. पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने इसी मसले पर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार ने लॉकडाउन बिना किसी तैयारी के किया।

पी. चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा, ‘तमिलनाडु के थिरुवर जिले से सीधी ग्राउंड रिपोर्ट ये कहती है कि हर पंचायत में कुछ गांव हैं. लेकिन किसी भी एक गांव में केंद्र या फिर राज्य सरकार द्वारा अब तक कोई मदद नहीं पहुंची है।

आपको बाता दें कि पी. चिदंबरम ने ये भी लिखा कि अगर तमिलनाडु जैसा राज्य जो संगठित होने का दावा करता है, फिर भी पैसा नहीं पहुंचाया जा रहा है तो फिर अन्य राज्यों का क्या होगा. पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन का ऐलान किया. इससे भी बुरा ये है कि लॉकडाउन के बाद हालात को गलत तरीके से हैंडल किया जा रहा है।

बता दें, पीएम मोदी के लॉकडाउन के ऐलान के बाद केंद्र सरकार ने एक राहत पैकेज का ऐलान किया था, जिसके तहत मुफ्त राशन, महिलाओं को बैंक खाते में पैसा जैसे कई बड़े ऐलान किए थे. इसके अलावा राज्य सरकारों की ओर से भी मजदूरों और गरीबों के खाते में पैसा डालने की बात कही थी और राशन देने की बात कही गई थी।

आपको बता दें कि 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद देश में अलग-अलग जगह पर परेशानी देखने को मिली है. जिसमें सबसे अधिक प्रभावित गरीब तबका हुआ है, दिहाड़ी मजदूरों का काम पूरी तरह से ठप हो चुका है उनका कहना है कि उनके लिए खाने पीने का भी इंतजाम नहीं है इसलिए वो देश में लॉकडाउन होने के बावजूद अपने घर वापस जाना चाहते हैं इसी वजह से शनिवार को आनंद विहार, दिल्ली से भारी संख्या में मजदूर अपने-अपने गांवों की ओर पलायन करने के लिए इकट्ठे हुए थे।

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