कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में फंसे बेबस मजदूर या तो पैदल घर जाने को मजबूर हैं या मदद के लिए भटक रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने मजदूरों की वापसी के लिए 1000 बसें देने को कहा जिसपर सियासी घमासान शुरू हो गया. दरसल बात ये है की लॉकडाउन में फंसे मजदूरों की वापसी के लिए 1000 बसों पर यूपी सरकार और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान चल रहा है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात से मजदूरों की वापसी के लिए शुरू हुआ चिट्ठियों का सिलसिला, लेकिन बसें यूपी में प्रवेश नहीं कर पाईं।

सरकार ने पहले बसें लखनऊ में और बाद में नोएडा और गाजियाबाद भेजने को कहा। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बसें यूपी की सीमा पर हैं, प्रशासन अंदर नहीं घुसने नहीं दे रहा है। दूसरी ओर, यूपी सरकार ने कहा कि कांग्रेस की सूची में ऑटो, एबुंलेंस, ट्रक और निजी कार के नंबर हैं। इस पर कांग्रेस ने मौके पर आकर बसें देखने की चुनौती दी। प्रियंका गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए ट्वीट किया – सरकार की जांच में सही मिलीं हमारी 879 बसों को चलने दें, भले इन पर भाजपा का बैनर पोस्टर लगवा दें। लेकिन मजदूरों की वापसी के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया.

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